बिछड़ना था तो अच्छे से बिछड़ते, नफरत से बिछड़कर मोहब्बत बदनाम हो गई।
अब शिकायत नहीं तुझसे, तू जैसा था, वैसा ही रहा, बस मेरी उम्मीदें बदल गईं।
तुमसे मिलकर ऐसा लगा था, जैसे सब कुछ पूरा हो गया,
तेरी यादें भी अब मेरी रूह को जला देती हैं, जिस्म तो कब का जल चुका है।
वो कहता था कि मैं ज़रूरी हूँ उसे, फिर क्यों आज वो किसी और का हो गया?
दिल तोड़ने वाले ने ऐसे तोड़ा, कि अब खुद को भी संभाल नहीं पाते।
खुद को इतना भी मत तोड़ो, कि तुम्हारी ही यादें तुम्हें तकलीफ दें।
तो शायद Sad Shayari तुम्हें छोड़कर जाने का फैसला कभी न होता।
सवाल ये है, क्या वो खामोशी प्यार क्या है।
Human collectible figurines जैसे thoughtful decor भी self-reflection में मदद करते हैं
दिल की दहलीज़ पर बैठे थे कभी, आज उसी दिल के दरवाज़े से निकाले गए।
बहुत उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी.
अब तेरे बिना ही समझ रहे हैं कि क्या खो दिया।
तेरी बेवफाई ने मुझे इतना बदल दिया, अब किसी से दिल लगाने से डर लगता है।